नौकरी चाहे छोटी हो या बड़ी, फुल टाइम हो अथवा पार्ट टाइम हर कंपनी चाहती है कि उसके इंप्लॉई सबसे बेहतर हो। आखिरकार कंपनी में काम करने वालों पर ही कंपनी का लाभ तथा नुकसान टिका होता है। किसी भी कंपनी को आगे तक ले जाने तथा मार्केट में एक अलग पहचान स्थापित कराने में उसके इंप्लॉईज का ही योगदान होता है। अतः सभी संस्थानें को अपने काम में माहिर तथा अनुभवी उम्मीदवारों की ही तलाश होती है। और बात जब कस्टमर सर्विस की नौकरी की हो तब तो यह और भी ज्यादा आवश्यक हो जाता है, क्योंकि एक ग्राहक सेवा अधिकारी के परफार्मेंस के आधार पर ही आपकी कंपनी से जुड़े ग्राहक संतुष्ट होते हैं और साथ ही कंपनी से नये कस्टमर जुड़ते हैं। कस्टमर सर्विस की जॉब एक एंट्री लेवल की जॉब होती है लेकिन इसका हायरिंग प्रॉसेस भी अन्य नौकरियों की तरह ही होता है, जिसमें कुछ बातों का विशेष खयाल रखना पड़ता है।

1-  जॉब पोर्टल तथा रिक्रूटर की मदद लें

यदि आप अपने संस्थान के लिये अच्छे ग्राहक सेवा अधिकारी की तलाश में हैं तो आप कुछ चुनिंदा जॉब पोर्टल अथवा रिक्रूटर की सहायता ले सकते हैं। सबसे बेहतर तरिका आप अपने कंपनी के इंम्लॉई में जिन क्वॉलिटीज को  चाहते हैं तथा जो भी आपकी एक्सपेक्ट्शन हैं उसके आधार पर ही जॉब डिस्क्रीप्शन तैयार करें तथा उसे अलग-अलग माध्यमों पर पोस्ट करें, जिससे आपकी बेहतर कैंडिडेट्स की तलाश आसानी से तथा कम से कम समय में पूरी होगी। इस काम में आप अपने हायरिंग मैनेजर्स की मदद लें और साथ ही आप चाहे तों पहले से बनाये गये कुछ जॉब डिस्क्रिप्शन को भी अगर जरुरत हो तो कुछ एडिटिंग के बाद पोस्ट कर सकते हैं। आप अपने पुराने हायरिंग हायरिंग मैनेजर्स के बनाये जॉब पोस्ट के साथ ही नये बनाये गये जॉब डिस्क्रीप्शन का प्रयोग भी करें, इससे आपको कस्टमर सर्विस के लिये बेहतर उम्मीदवार की तलाश में काफी सहायता मिलेगी।

2-रेज्यूमे पर ध्यान दें

अपनी कंपनी के लिये इंप्लॉईज हायर करने की प्रक्रिया में आपको कई सारे रेज्यूम मिलेंगें। जिनमें आपको अपने काम के मुताबिक बेहतर कैंडिडेट को चुना होगा। अतः हर रेज्यूमे को बड़े ही ध्यान से देखें और इस काम में कोई जल्दीबाजी ना करें। कैंडिडेट्स द्वारा रेज्यूमे में दिये गये जानकारी को बारिकी से देखें जैसे क्वॉलिफिकेशन, स्किल्स, एक्सपीरियेन्स तथा अन्य क्वॉलिटीज पर भी ध्यान दें। आप अपनी कंपनी के कस्टमर सर्विस के लिये कैसे इंप्लॉईज को हायर करना चाहतें हैं इसके आधार पर ही रेज्यूमे को चुने तथा हायरिंग प्रॉसेस को आगे बढ़ायें।

 

 

 

3-टेलीफोनिक राउंड के लिये चुने

15 से 20 मिनट के टेलीफोनिक ऱाउंड से आपको ज्यादा कुछ अन्दाजा तो नहीं मिलेगा लेकिन आपको कैंडिडेट्स के कम्यूनिकेशन स्किल का आंदाजा लग जाएगा। साथ ही कैंडिडेट्स को आपके कंपनी तथा उसके प्रोडक्ट और सर्विसेस की कितनी जानकारी हैं, वो कस्टमर सर्विस के नौकरी के लिये कितना सही है अथवा नहीं तथा इस काम को लेकर वो कितना जिम्मेदार है। ऐसी कई बातों की जानकारी आपको मिल जाएगी। आप जो भी सवाल पूछें उसके अनुसार आपको जवाब मिला या नहीं तथा कैंडिडेट आपकी बातों को कितने ध्यान से सुनता है और किस प्रकार उत्तर देता है, आप ये भी जान पायेगें। टेलिफोनिक राउंड में पास उम्मीदवारों को ही आगे की प्रक्रिया के लिये चुनें।

4-इंटरव्यू

यह सबसे आखिरी किन्तु सबसे महत्वपूर्ण चरण है। यहाँ चयनित हुये कैंडिडेट्स को आप अपनी कंपनी में हायर करते हैं। फेस टू फेस इंटरव्यू में आपको कैंडिडेट्स के बारे में बहुत कुछ जानने को मिलेगा। उसके उठने-बैठने तथा बोलने के तरिके के साथ ही आपको उसके स्वभाव के बारे में भी जानने का मौका मिलेगा। एक कस्टमर सर्विस रीप्रजेंटेटिव के तौर पर लोगों की मदद करने का जज्बा होना सबसे जरूरी है। इसके साथ ही धैर्य का होना भी आवश्यक है जिससे कि वो ग्राहकों की बातों को आराम से सुन सके तथा उनकी समस्याओं का समाधान कर सकें। और इन सारी बातों की जानकारी आपको फेस टू फेस इंटरव्यू को दौरान मिल जाती है।

साथ ही कस्टमर सर्विस की जॉब के लिये हायरिंग के समय ये भी ध्यान रखें कि कैंडिडेट्स शांत तथा चित्ताकर्षक होना चाहिये। साथ ही वेल मैनर्ड हो, आपकी बातों को बीच में ना काटें पूरी बात सुने उसके बाद ही सही जवाब दे। जरूरत से ज्यादा बोलने वाला ना हो साथ ही कंपनी के वर्क कल्चर की समझ रखें तथा उसके मुताबिक काम करने वाला हो साथ ही अपना जॉब तथा कंपनी को लेकर उत्सुक हो।

5-स्किल

जब आप अपनी कंपनी के लिये कस्टमर सर्विस के लिये एक बेहतर कैंडिडेट्स की तलाश कर रहें होते हैं तो सबसे पहले जो ध्यान देने वाली बात होती है वो है कुछ खास कस्टमर सर्विस स्किल्स। इसके अन्तर्गत कैंडिडेट्स को इंडस्ट्री की तथा कंपनी के बिजनेस की अच्छी समझ होनी चाहिए। साथ ही उसे टेक सेवी होना भी आवश्यक है। एक कस्टमर सर्विस एक्जीक्यूटिव को विभिन्न माध्यमों जैसे, ईमेल, टेलीफेन, चैट तथा सोशल मीडिया पर काम करना भी आना चाहिए, जिससे वो ग्राहको को बेहतर सेवा प्रदान कर सके। कम्यूनिकेशन स्किल पर भी ध्यान दें। साथ ही आप अनुभवी कैंडिडेट्स को वरियता दें जिससे कि भविष्य में आप उनको कंपनी में अन्य उच्च पदों पर भी रख सकें। इससे आपको अन्य कामों के लिये अलग से इंप्लॉईज हायर नहीं करने पड़ेगें। कस्टमर सर्विस की नौकरी एक एंट्री लेवल जॉब मानी जाती है ये सोचकर आप अनुभवी तथा उम्रदराज उम्मीदवारों को हायर करने में संकोच ना करें। उनका अनुभव आपके कंपनी तथा ब्रांड को पहचान स्थापित करने में सहायक साबित होगा।

6-सहानुभूति तथा समस्याओं के समाधान का हुनर रखने वाले

एक कस्टमर सर्विस रिप्रेजेंटेटिव में प्रॉब्लम सॉल्विमंग स्किल का होना काफी आवश्यक है जिससे कि वो कंपनी से जुड़े कस्टमर्स की समस्याओं का समाधान आसानी से कर सकें। साथ ही कस्टमर्स से सहानुभूति रखने वाला हो। उसकी आवाज में कोमलता हो तथा ग्रहकों की बातों को ध्यान से सुनने की कला भी आनी चाहिये। उसके अन्दर धैर्य भी होना चाहिये। कस्टमर सर्विस की नौकरी में सॉफ्ट स्किल का होना बहुत ही जरुरी है।

इन बातों को ध्यान में रखकर ही आप क्सटमर सर्विस के लिये उम्मीदवारों को चयन करें। 

 

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