आजकर ब्लॉगिंग एक ट्रेंड बन गया है, जिसे देखो एक या दो आर्टिकल लिखकर खुद को ब्लॉगर कहता दिख जाएगा लेकिन एक या दो पोस्ट लिखकर कोई ब्लॉगर नहीं बन सकता हैं। हाँलाकि ब्लॉगर बनना इतना मुश्किल भी नहीं हैं, ब्लॉगिंग तो हम में से कोई भी कर सकता है पर उसको मेंटेन करना आसान नहीं है और यहीं ज्यादातर लोगों को मुश्किल आती है और फिर लोग ब्लॉगिंग बीच में ही छोड़ देते हैं। पर वो कहते हैं ना कि जहाँ चाह है वहाँ राह है, तो आज हम ऐसी ही चाह रखने वालों को बताएगें कि हिन्दी ब्लॉगर बनने के लिये उन्हें क्या करना चाहिए।

पैशन और फैशन के अन्तर को पहचानें

जी हाँ एक ब्लॉगर बनने के लिये सबसे पहले आपको पैशन और फैशन के अन्तर को पहचानना होगा। आपको ये तय करना होगा कि आप ब्लॉगिंग क्यूँ करना चाहते हैं। क्या आप भी ये सोचते हैं कि ये बहुत ही ग्लैमरस फिल्ड है, आपका कोई दोस्त या जान पहचान वाला ब्लॉगर बनके बहुत हा नेम और फेम पा रहा है और आपको भी ये सब चाहिए केवल इसलिये आप ब्लॉगर बनना चाहते हैं तो रुक जाइए। क्यूँकि ये फिल्ड ऐसे लोगो के लिये बिल्कुल भी नहीं है एक ब्लॉगर बनने के लिये सबसे पहले ब्लॉगिंग के लिये पैशन होना चाहिए। अपने काम को लेकर एक जुनून होनी चाहिए ना कि पैसे कमाने और ग्लैमर के लिये इस फिल्ड से जुड़े, क्यूँकि ऐसा करके आप केवल अपना समय ही बरबाद करेगें। क्यूँकि शुरुआत में आपको इससे कमाई नहीं होगी इसमें कुछ वक्त लगता है। तो आपको धैर्य रखने की भी जरुरत होगी।

सोचसमझ कर करें टॉपिक का चुनाव

अपना ब्लॉग शुरु करने से पहले आप अपने इंटरेस्ट के हिसाब से अपने लिये टॉपिक का चुनाव करें। आप किस तरह का ब्लॉग लिखना चाहते हैं ये जानना बहुत ही जरुरी होता है। अक्सर ये देखने को मिलता है कि नये ब्लॉगर्स टॉपिक सेलेक्शन को लेकर कंफ्यूज्ड रहते हैं। आपको आगे चलकर कोई परेशानी ना हो इसलिए आप ब्लॉग शुरु करने से पहले ही अपने टॉपिक का चुनाव कर लें और इस काम में आप अपने niche  से सम्बंधित ब्लॉग्स की सहायता ले सकते हैं। जहाँ आपको टॉपिक के चुनाव के साथ ही नये आर्टिकल के लिये कुछ आइडियाज भी मिल सकते हैं। साथ ही और अच्छा लिखने के लिये अपने रीडर्स के राय की भी मांग करें और इनके मीनिंगफुल कमेंट पर ध्यान रखें और उसका जवाब देने की कोशिश भी करें। जो भी लिखें अपने पाठकों की रुचि के हियाब से लिखें।

एसईओ और सोशल मीडिया मार्केटिंग पर ध्यान दें

एसईओ से मतलब सर्च इंजन ऑप्टिमाइजेशन से है। एक हिन्दी कंटेंट राइटर के लिये इसकी समझ होना बहुत ही जरुरी है। अगर आप चाहते हैं कि आपका कंटेंट सर्च इंजन में सबसे ऊपर दिखे तो एसईओ का प्रयोग जरुर आना चाहिए। बीना इसके आपके लिखे केटेंट का कोई मतलब नहीं होता है क्यूँकि ऐसा लेख सर्च इंजन में दिखाई भी नहीं देगा। जिससे पाठकों तक उसकी पहुंच भी प्रभावित होगी और आपके कंटेंट को ज्यादा व्यूज नहीं मिलेगें। और इसका एक वजह यह भी होता कि एक ही टॉपिक पर कई सारे कंटेंट लिखे जाते हैं ऐसे में अगर एसईओ का इस्तेमाल नहीं किया तो आपका कंटेंट अच्छा लिखा होकर भी बेकार जाएगा। एसईओ से मतलब आर्टिकल लिखते समय कुछ ऐसे खास शब्दों और वाक्यों के प्रयोग से हैं जिसे हम कीवर्ड कहते हैं ये लॉन्ग तथा शॉर्ट दो तरह के होते हैं। इनको ध्यान में रखकर लिखे गये कंटेंट को सर्च इंजन में सबसे ऊपर देखा जा सकता है। इसके साथ ही  ये भी ध्यान दे कि अब केवल सर्च इंजन ही नहीं बल्कि समय सोशल मीडिया  जैसे फेसबुक, ट्विटर, लिंकडीन का यूज करके भी अपने ब्लॉग पर ट्रैफिक बढ़ा सकते हैं। तो सोशल मीडिया का प्रयोग करने में बिल्कुल भी कतराएं नहीं।

यूनिक कंटेंट लिखने की कोशिश करें

आप लिखते समय ध्यान दें कि आपका कंटेंट हमेशा यूनिक रहना चाहिये। क्यूँकि लोग एक ही तरह की लेख को पढ़ के बोर हो जाते हैं। ऐसे में हो सकता है आपके ब्लॉग पर ट्रैफिक कम आने लगे इससे बचने के लिये हमेशा कुछ नया और रीडर्स के रुचि को ध्यान में रखकर रखें। आप जो भी लिखें ध्यान दें कि पने लिये नहीं बल्कि अपने रीडर्स के लिये लिख रहें हैं जो कि हमेशा कुछ नया तथा अलग पढ़ना चाहते हैं।  इसके साथ ही कोशिश करें कि आपका लेख रोचक होने के साथ ही साथ प्लिजरिजम फ्री हो अब ऑनलाइन ऐसे बहुत सारे टूल्स आ गये हैं जिससे कोई आर्टिकल प्लिजराइज्ड है ये आसानी से पता लगाया जा सकता है। अतः आप कॉपी पेस्ट ना करें वरना आपके लेख का कोई मतलब नहीं रह जाता और साथ ही रीडर्स को कम आंकने की गलती ना करें उन्हें यूनिक कंटेंट ऐर कॉपी पेस्ट का फर्क समझ आता है।

ब्लॉगिंग रणनीति बनाएँ

आप एक अच्छे ब्लॉगर तभी बन सकते हैं जब आपके पास उसके लिये एक सही रणनीति हो कि आप को कब, क्या और कैसे करना है। आप सबसे पहले ये तय करें कि आप एक दिन, एक हफ्ते में कितने आर्टिकल लिख सकते हैं। आप अपने ब्लॉग की मार्केटिंग के लिये कितना समय देगें ये भी आपको तय कर लेना होगा। अगर आप ब्लॉगिंग को ही फुल टाइम कैरियर बनाना चाहते हैं और इससे पैसा कमाना चाहते हैं तो आपको पूरी प्लानिंग करनी पड़ेगी और इस काम को एक व्यवसाय की तरह करना होगा जिसके लिये आपको पूरी डेडिकेशन और पैशोनिएट रहना होगा। लगन और मेहनत के साथ ही आप इस काम में सफल हो सकते हैं

साथ ही हिन्दी भाषा की जानकारी होनी भी बहुत ही जरुरी है। हिन्दी व्याकरण पर अच्छी पकड़ हो साथ ही अलग-अलग शब्दों और मात्राओं का ज्ञान भी रखें। ताकि लिखते समय किसी भी प्रकार की गलती से बचा जा सके। इसके साथ ही आर्टिकल लिखने के बाद प्रूफरीडिंग की आदत भी विकसित करें। कई बार ऐसा होता है कि राइटर्स आर्टिकल लिखने के बाद उसे दोबारा पढ़ते नहीं हैं और जल्दीबाजी में पोस्ट कर देते हैं। जिससे व्याकरण और मात्राओं की गलती होने पर रीडर्स का पढ़ने में झुंझलाहट होती है। इससे बचने के लिये प्रूफरीडिंग जरुर करें।

 

 

 

 

 

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